रविवार, १४ जून, २०१५

उड़े जब जब दुपट्टा तेरा….

उड़े जब जब दुपट्टा तेरा....हो उड़े जब जब दुपट्टा तेरा....

महोल्ले भर का लोडा उठता.....लोडा उठता.. बहना....मेरी ऐ



जब हो ऐसे चोदू भय्या......हो ऐसे चोदू भय्या ...

दुपट्टा कैसे टिकता.....? दुपट्टा कैसे टिकता....भाई मेरे



तेरी कमर है सुराही जैसी...हो तेरी कमर है सुराही

जाम थोड़े पी लेने दे.. जाम थोड़े पी लेने दे.. बहना....मेरी ऐ



जब झुकती हूँ मैं थोडा.....हो जब झुकती मैं थोडा

क्यों रे तू आँख फाड़ता...? क्यों रे आँख फाड़ता भाई मेरे..



दिख जाते है बबले ...हो दिख जाते है बबले...

कैसे मैं नजर फेरता....कैसे मैं नजर फेरता... बहना....मेरी ऐ



जब सोती हूँ मैं ओढ़ के ...हो जब सोती हूँ मैं ओढ़ के

चद्दर मेरी क्यों खींचता..... चद्दर मेरी क्यों खींचता.....भाई मेरे



तेरी गांड है फुटबॉल जैसी...हो तेरी गांड है फुटबॉल जैसी...

गॉल थोड़े कर लेने दे... गॉल थोड़े कर लेने दे ... बहना....मेरी ऐ



फुर्सद नहीं एक पल की..हो फुर्सद नहीं एक पल की..

आज तू मुठ मर ले... आज तू मुठ मर ले...भाई मेरे



तुझे पढाई के बहाने पेलूँ...हो तुझे पढाई के बहाने पेलूँ...

कमरे में आजा बहना.... कमरे में आजा बहना....मेरी ऐ



अभी पापा का है खड़ा.... अभी पापा का है खड़ा..

उनको दे के आती हूँ... उनको दे के आती हूँ...भाई मेरे .....



कैसा लगा ?....प्लीज़ कोमेंट करो....

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